बचपन से ही ....
बड़ी तमन्ना थी ज़िन्दगी जीने की ..
हमेशा सोचती थी वो, की उसकी ज़िन्दगी ऐसे ही नहीं जाएगी ..
सब कुछ , कुछ अलग सा होगा...!
सपनों सा.. सुन्दर और अनोखा !
सब कुछ अलग सा हुआ भी.. पर उसकी सपनों की दुनिया से पूरा अलग !!
उसने कभी नही सोचा की उसे चाँद चाहिए था !
पर
उसका अपना अलग ही आसमान था !!!!!!
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हर सुबह की पहली किरण को देखने का दिल करता था ...
ढलती हुई शाम को मुटठी में भर महसूस करने का दिल करता था.......
हर बारिश में भीगते हुए दूर तक जाने का दिल करता था ..
ठण्ड में कोहरे की चादर ओढ़ के मुसकराने का दिल करता था ..
बहुत अलग नही था वो आसमान !
बस क्षितिज को गले लगाने का दिल करता था !!!

